इस अभ्यास ऑडियो में, हम एक आसान ‘साउंड मेडिटेशन’ (आवाज़ों पर ध्यान) के ज़रिए अपने विचारों को समझेंगे और अपना ध्यान वर्तमान पल में वापस लाएंगे। कोई भी आवाज़ सिर्फ ‘आज और अभी’ में ही सुनाई देती है, वह न बीते हुए पल में होती है और न आने वाले पल में। इस बात पर गौर करने से आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि हम अपने विचारों को भी ठीक उसी तरह सहजता से देख सकते हैं।

इस अभ्यास के ज़रिए, आप आवाज़ों को गहराई से सुनना और वर्तमान में टिके रहना सीखेंगे। आप महसूस करेंगे कि आवाज़ें हों या विचार, दोनों ही आते और जाते रहते हैं—उन्हें पकड़कर रखने की ज़रूरत नहीं है।