इस अभ्यास ऑडियो में, हम अपने मन के स्वभाव और उसके सोचने के अंदाज़ को समझने की कोशिश करेंगे। हम गहराई से देखेंगे कि विचार कैसे मन में उठते हैं और फिर गुज़र जाते हैं। आप यह समझेंगे कि विचार बस मन में होने वाली एक स्वाभाविक हलचल हैं—इनसे न तो लड़ने की ज़रूरत है और न ही इन्हें ठीक करने की।
विचारों से लड़ने के बजाय, यह अभ्यास आपको बड़े सब्र के साथ अपने मन का दोस्त बनने के लिए प्रेरित करता है। इसके साथ ही, मन और शरीर की जागरूकता के ज़रिए आप खुद को ‘आज और अभी’ के पल से जुड़ा हुआ महसूस करेंगे, जिससे आपको एक मानसिक स्थिरता मिलेगी। लगातार अभ्यास करने से, आप अपनी अंदरूनी दुनिया के साथ एक बहुत ही शांत और सुखद रिश्ता बना पाएंगे।